यमन की बाब-अल-मंदेब बंद करने की चेतावनी, वैश्विक तेल संकट गहराया
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यमन ने ईरान के समर्थन में बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट बंद करने की चेतावनी दी, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर बड़ा संकट पैदा हो सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के साथ बाब-अल-मंदेब भी प्रभावित होने पर तेल कीमतों में उछाल, महंगाई और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
Yemen News/ मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है। Donald Trump द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के फैसले के बाद अब Yemen खुलकर Iran के समर्थन में सामने आया है। यमन ने अहम समुद्री मार्ग Bab al-Mandeb Strait को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।
यमन में सक्रिय Houthi Movement (अंसारुल्लाह) ने संकेत दिए हैं कि यदि ईरान पर दबाव बढ़ाया गया, तो वे इस रणनीतिक जलमार्ग पर कार्रवाई कर सकते हैं। यह समुद्री मार्ग लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक रास्तों में से एक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल हो सकती है। पहले से ही Strait of Hormuz में तनाव बना हुआ है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है। यदि ये दोनों मार्ग प्रभावित होते हैं, तो तेल आपूर्ति पर डबल असर पड़ सकता है।
इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, शिपिंग लागत में वृद्धि और वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही सप्लाई चेन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।
इंटरनेशनल शिपिंग के लिए बाब-अल-मंदेब का महत्व बेहद ज्यादा है। इस मार्ग से यूरोप और एशिया के बीच बड़ी मात्रा में व्यापार होता है। इसके बंद होने की स्थिति में जहाजों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हालात और बिगड़ते हैं तो मिडिल ईस्ट में एक बड़ा भू-राजनीतिक संकट खड़ा हो सकता है। यमन की चेतावनी केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन चुकी है।
आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी देशों के बीच तनाव की दिशा तय करेगी कि यह संकट कितना गहरा होगा। फिलहाल दुनिया की नजरें इस संवेदनशील क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।